About Gita Sanjeevani

लार्ड जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट मुख्य रूप से श्रीमद्भगवद् गीता के प्रचार में लगी हुई है। भगवद्गीता में श्री कृष्ण के द्वारा कही हुई बातों का दूसरों में प्रचार करने से श्री कृष्ण को सर्वाधिक प्रसन्नता प्राप्त होती है (गीता 18.68-69)।

लार्ड जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना सन 2007 में हुई थी। यह ट्रस्ट देवस्थान विभाग, जयपुर में पंजीकृत है। इसके अतिरिक्त यह Income tax में Sec. 80G में भी पंजीकृत है। इसका Reg. No. 85/11 है। श्रीमद्भगवद् गीता में श्री कृष्ण ने जीवन जीने के वे सारे ढंग बताये हैं जिनसे यह मानव जीवन सफल हो  सकता है। भगवद् गीता में बताये हुए ढंगों के अतिरिक्त अन्य कोई जीने का ढंग है ही नहीं जिससे यह मानव जीवन सफल हो सके। ऐसा श्री कृष्ण ने स्वयं उद्धव जी से भागवतम् के ग्यारहवें स्कंध (11.20.6) में कहा है। इसलिये इस अति दुर्लभ मनुष्य जन्म को सार्थक करने के लिये भगवद् गीता को समझना परम आवश्यक हो जाता है।

तभी लार्ड जगन्नाथ चैरिटेबल ट्रस्ट ने 2009 में Class room पद्धति से लोगो को गीता का एक वर्ष का कोर्स कराना आरंभ किया। इसमें साधकों को प्रति सप्ताह मात्र एक बार दो घंटे की कक्षा में आना पड़ता है। यह कोर्स बहुत ही Professional ढंग से कराया जाता है, जिसमें साधकों को हर अध्याय के बाद प्रश्नावली दी जाती है और चार सत्रों में लिखित परीक्षाऐं होती हैं। उद्देश्य यह है कि इस कोर्स में रजिस्टेशन कराने वालों को भगवान श्री कृष्ण की कही हुई बातों का पूरा-पूरा लाभ मिल सके।

गीता में श्री कृष्ण ने इस कार्य को उन्हें सर्वाधिक प्रसन्नता देने वाला कहा है। तभी आज इस कोर्स का निरंतर विस्तार होता जा रहा है। जयपुर में 20 से अधिक जगहों पर इसका आयोजन होता है। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों में भी इसका विस्तार हुआ है-यथा अहमदाबाद, कानपुर, गुड़गाॅव, सवाईमाधोपुर, अजमेर और बौली आदि में। यह सब श्री कृष्ण कृपा से ही संभव हो पाया है। जो लोग इस कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा कर लेते हैं उनके लिए ट्रस्ट श्रीमद् भागवत का पाॅच वर्ष के कोर्स का भी आयोजन करता है।

अब Nov. 2016 से ट्रस्ट ने गीता को भावरूप से समझाने का कार्य Digital medium पर आरंभ किया है। हमें पूरी आशा है कि श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के इस प्रयास में हमें आपका आशीर्वाद और भगवान की विशेष कृपा अवश्य ही प्राप्त होगी।