श्रीमद्भगवद्गीता को कैसे समझें?

आप यहाँ हमारी website गीता संजीवनी पर द्भगवद्गीता को बहुत ही सरलता और सहजता से समझ सकते हैं। हम यहाँ आपकी सुविधा के लिए बहुत से माध्यम उपलब्ध करवाते हैं जिनसे आप द्भगवद्गीता को समझ सकते हैं। निम्न 3 तरीके प्रमुख हैं –

1. द्भगवद्गीता को पढ़कर –

आप सरल हिन्दी में लिखी हुई “द्भगवद्गीता भावार्थ” को पढ़कर द्भगवद्गीता को सहजता से समझ सकते हैं। द्भगवद्गीता भावार्थ परम श्रद्धेय ब्रम्हलीन “संत स्वामी रामसुखदास जी” की गीता टीका “साधक संजीवनी” पर ही आधारित हैं। द्भगवद्गीता भावार्थ यहाँ संलग्न हैं।

आप चाहे तो इसे गीता संजीवनी website पर पढ़ सकते हैं या download करके अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ सकते हैं। अन्यथा आप नित्य प्रति हमारी की हुई विडियो पोस्टिंग को पढ़कर द्भगवद्गीता को समझ सकते हैं। हमारी प्रत्येक Posting में एक या दो श्लोक ही व्याख्या सहित दिए जाते हैं। हर Posting में श्लोकों को समझाने वाली Images भी होती हैं। इसको मात्र 3-4 मिनट में पढ़ सकते हैं।

2. द्भगवद्गीता को सुनकर –

आप श्रीमद्भगवद् गीता को ऑडियो CDs के द्वारा सुनकर भी समझ सकते हैं। ये CDs श्रीमद्भगवद् गीता क्लास में साधकों को जिस ढंग से समझाया है उसकी कक्षा-क्रमानुसार लाइव रिकॉर्डिंग हैं। 42 घन्टे की 2 cds का सेट यहाँ संलग्न हैं। आप चाहें तो उन दोनों को यहाँ सुन सकते हैं अथवा आप ऐसे 4 सेट (8cd) मात्र 200 रूपये + 50 रूपये कोरिओर चार्ज (250 रूपये में) हमसे मंगा सकते हैं। अथवा हम Periodic Basis पर श्रीमद्भगवद् गीता के 4-5 श्लोकों की Audio Visual को पोस्ट करते हैं उनको आप मात्र 4-5 मिनट में सुन सकते हैं।

3. क्लासेज के द्वारा –

श्रीमद्भगवद् गीता को समझाने का 1 साल का Course भी हम चलाते हैं। इसमें साधकों को प्रति सप्ताह मात्र एक बार दो घंटे की कक्षा में आना पड़ता है। यह कोर्स बहुत ही Professional ढंग से कराया जाता है, जिसमें साधकों को हर अध्याय के बाद प्रश्नावली दी जाती है और चार सत्रों में लिखित परीक्षाऐं होती हैं। यद्यपि यह Course निशुल्क basis पर चलता है, परन्तु फिर भी Registration के समय साधकों को एक छोटी सी फीस मात्र 850 रूपये (पूरे साल के) देने पढ़ते हैं। यह राशि किसी ना किसी रूप में साधको को वापस कर दी जाती है। Registration करने पर सबको 350 रूपये का Course Material (द्भगवद्गीता भावार्थ + 5 सेट CDs के) दिया जाता है। फिर जो साधक नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित होते हैं (75% उपस्थिति) और चारों सत्रों में से 1 सत्र में भी पासिंग मार्क्स (35%) ले आते हैं उन्हें शेष बचे हुए 500 रूपये वापस कर दिए जाते हैं। हर सत्र की परीक्षा में कम से कम 3 साधक पुरूस्कृत होते हैं।