द्भगवद्गीता को पढ़कर समझे

आप सरल हिन्दी में लिखी हुई “श्रीमद्भगवद्गीता भावार्थ” को पढ़कर द्भगवद्गीता को सहजता से समझ सकते है। श्रीमद्भगवद् गीता भावार्थ परम श्रद्धये ब्रम्हलीं “संत स्वामी रामसुखदास जी” की गीता टीका “साधक संजीवनी” पर ही आधारित है। श्रीमद्भगवद् गीता भावार्थ यहाँ संलग्न है।

आप दो प्रकार से श्रीमद्भगवद् गीता भावार्थ को पढ़कर समझ सकते है –

  1. आप चाहे तो इसे गीता संजीवनी website पर पढ़ सकते है या download करके अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ सकते है।
  2. अन्यथा आप नित्य प्रति हमारे Facebook Page पर की हुई Video Posting को पढ़कर द्भगवद्गीता को समझ सकते है। हमारी प्रत्येक Posting में एक या दो श्लोक ही व्याख्या सहित दिए जाते है। प्रत्येक Posting में शलोक को समझाने वाली Image भी होती है। इसको मात्र 3-4 मिनट में पढ़ सकते है। गीता संजीवनी के Facebook Page पर जाने के लिए यहाँ click करें।
BG-Bhavarth-Revision