bhagavad gita

bhagavad gita Kurukshetra

29 Jul: How to attain God

Moh or attraction/love towards material things is the biggest source of dissatisfaction amongst most of us. In chapter 2 of Bhagavad Gita, Shri Krishna gave Arjuna the key to control your affection towards things and follow the path of virtue. Read this blog to know more about it.

bhagavad gita Kurukshetra

14 Jul: The Art of Living

The Bhagavad Gita teaches us the art of living a successful life. From the teachings of Lord Krishna we would get to know how do we behave and perform actions in the practical life in both favorable and unfavorable conditions so that so that we get rid of anxiety, stress miseries, fear and other disorders.

bhagavad gita Kurukshetra

14 Jul: जीवन जीने की कला

भगवद्गीता व्यवहार क्षेत्र में जीवन जीने की कला सिखाती है। वह बताती है कि हम कैसे अपने जीवन को गीता के आधार पर जीयें। हम जीवन में व्यवहार कैसे करें तथा अनुकूल-प्रतिकूल परिस्थितियों में कैसे कार्य करें कि हम चिंता शोक तनाव भय व अन्य विकारों से निजात पा सकें।
इसके लिए सर्वप्रथम तो हम यह समझें कि हम कौन हैं, हमारा परिचय क्या है?

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06 Jul: कर्म योग की परिभाषा

हरे कृष्ण।
कर्म योग, गीता का पूरे विश्व को और मानव मात्र को दिया गया, वह अनुपम उपहार है जिससे प्राणी मात्र अपना और अपने परिवार देश समाज एवं विश्व का कल्याण कर सकता है।
कर्म योग वह गुप्त और रहस्यमयी विद्या है, जिस का विशद वर्णन भगवान श्रीकृष्ण श्रीमद भगवत गीता में करते हैं।
कर्म योग का वर्णन, जैसा गीता में किया गया है, वैसा विश्व के अन्य किसी भी धर्म अथवा ग्रंथ में नहीं।….